रविवार, 16 जून 2013

RGPV BHOPAL CORRUPTION

There are too many corruption in RGPV & AICTE. 80 percent of master in engineering students are doing regular degree with regular teaching job in private engineering college of madhya pradesh.


राजीव गाँधी प्रोद्योगिकी विश्व विद्यालय भोपाल ने पिछले 7 वर्षों में   नौकरी कर रहे व्यक्तिओ  को  मास्टर इन इंजीनियरिंग की डिग्री बाटी है, जो कि पूरी तरह गलत है , आज भी प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज और शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालाओं में ८० प्रतिशत छात्र , कहीं और नौकरी कर रहे हैं और उन्होंने नोटरी के समक्छ स्टाम्प पेपर में गलत सपथ पत्र दे रखा है जो कि न्यायालय  का अपमान भी है और इस पर ६ महीने सजा का प्रावधान भी है , मजे कि बात तो यह है कि अखिल भारतीय तकनिकी शिक्षा परिषद् और स्वयं राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय के पास 70 प्रतिशत लोगों का रिकॉर्ड उपलब्ध है जो प्राइवेट इंजीनियरिंग / शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में पड़ा रहें है . आज भी लोग कहीं नौकरी कर रहें है या उसी संस्था में ही अध्यापन कार्य  रहे है अवं  वेतन भी ले रहे हैं और दूसरी ओर शासकीय/ अशासकीय  इंजीनियरिंग कॉलेज के अध्यापक घूंस खाकर उनकी  फर्जी उपस्थित क्लास में दर्सI रहे हैं .